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Dehradun, Uttarakhand, India
No one moving towards no mind

Thursday, 20 June 2024

यादें

 



बिखरे पल बिसरी बातें

कुछ रहता नहीं

रह जाती हैं यादें

दिल में उमंग जगाने को

मन में एहसास जगाने को

तेरी याद दिलाने को

रह जाती हैं यादें

सोपा दर्द जगाने को

रह जाती हैं यादें

यादों का बन्धन तोड़ के आया हूँ

तुझे अकेला छोड़ आया हूँ

तेरे मेरे बीच में कुछ रहा नहीं

रह गयी हैं बस यादें

यादें उन सुनहरे पल और चांदनी रातों की जब हम थे साथ कभी

सोचा था होंगे न कभी जुदा

अब रहा नहीं बाकी कुछ

बस बची हैं यादें

भूल सकता नहीं कभी तुझे

भूल सकता नहीं प्यार तेरा

क्योँकि बची हैं सिर्फ यादें

खुश नहीं अब मै

खुश था बहुत तब मै

सब कुछ था पास मेरे

अब नहीं कुछ पास मेरे

है सिर्फ यह जिंदगी और तन्हाई

और बची है तेरी कुछ यादें



WRITTEN :OCT 1992

 

 

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